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Effects of GST in Gold Silver and Diamond , Best Commodity Intraday Calls

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Gst in Gold in India
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) लागू होने के बाद अब आपके लिए गोल्ड, सिल्वर, डायमंड की ज्वैलरी को खरीदना और बेचना महंगा हो जाएगा। यही नहीं आपको कैश में खरीदारी करने से लेकर ज्वैलरी बेचकर कैश लेने में कई सारे नए नियमों का पालन करना होगा। कुल मिलाकर आपको जुलाई से ज्वैलरी खरीदने और बेचने के लिए इन नियमों को जानना जरूरी है।   
- ज्वैलरी बेचने पर आपको होगी चेक से पेमेंट, नहीं मिलेगा कैश   
- GST में पुरानी गोल्ड ज्वैलरी बेचने पर देना होगा टैक्स
- लेबर चार्ज पर देना होगा सर्विस टैक्स

Must Read:

ज्वैलर नहीं दे सकता 10 हजार से ज्यादा कैश 

Gold jewellery Purchase in Discount
ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी ट्रेड फेडरेशन के चेयरमैन नितिन खंडेलवाल ने बताया कि GST में ज्वैलर को 10,000 रुपए से अधिक की पेमेंट चेक से ही करनी है। ज्वैलर 10,000 रुपए से अधिक की ट्रांजेक्शन कैश में नहीं कर सकता। यानी, अगर आपने 4 या 5 ग्राम की ज्वैलरी बेची और उसका अमाउंट 11,000 रुपए बनता है
तब भी ज्वैलर आपको चेक से ही पेमेंट करेगा। आपको पुरानी ज्वैलरी बेचने से हुई इनकम को अपनी इनकम टैक्स रिटर्न में भी दिखाना होगा।

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10,000 रुपए से ज्यादा की ट्रांजेक्शन होगी ऑन रिकॉर्ड
अभी तक 2 लाख की ज्वैलरी खरीदने पर कस्टमर का पैन कार्ड जरूरी है और कस्टमर के 10,000 रुपए से ज्यादा की ज्वैलरी बेचने पर ज्वैलर चेक देगा
चेक से केवाईसी हो जाएगी और 10,000 रुपए से ज्यादा की सभी ट्रांजेक्शन ऑन रिकॉर्ड अपने आप हो जाएगी।   

ज्वैलरी बेचकर नई खरीदने पर 2 बार देना होगा टैक्स
आपने 50 ग्राम की ज्वैलरी बेची और 70 ग्राम की नई ज्वैलरी खरीदी, तो कस्टमर को दो बार टैक्स चुकाना होगा। ज्वैलर को पुरानी ज्वैलरी यानी 50 ग्राम पर 3 फीसदी रिवर्स चार्ज चुकाना होगा। नई ज्वैलरी 70 ग्राम पर अलग 3 फीसदी GST चुकाना होगा।

Gst in Online Offline Commodity

GST में पुरानी ज्वैलरी बेचने पर चुकाना होगा टैक्स   
ज्वैलरी बेचने पर आपको रिवर्स चार्ज चुकाना होगा।
अगर आपने 50 ग्राम की ज्वैलरी ज्वैलर को बेची, तो ज्वैलर आपसे 3 फीसदी रिवर्स चार्ज लेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि उस केस में कस्टमर एक अनरजिस्टर्ड डीलर है जिससे ज्वैलर गोल्ड खरीद रहा है। पुरानी ज्वैलरी खरीदने पर ज्वैलर को 3 फीसदी रिवर्स चार्ज सरकार को देना होगा और इस पर उसे सरकार की तरफ से रिटर्न (3 फीसदी रिवर्स चार्ज सरकार को देना होगा और इस पर उसे सरकार की तरफ से रिटर्न (3 फीसदी रिवर्स चार्ज का) नहीं मिलेगा। ऐसे में ज्वैलर ये 3 फीसदी रिवर्स चार्ज कस्टमर से लेगा।


Gold Silver Mpvement as per GST in India

ज्वैलरी की भारी कराने पर भी चुकाना होगा टैक्स   
आप अपनी मां की या पुरानी ज्वैलरी को बेचना नहीं चाहते।
सिर्फ उसे भारी कराना या वैल्यू एडिशन कराना चाहते हैं, तो आपको टैक्स चुकाना होगा। उसमें लेबर चार्ज पर 18 फीसदी सर्विस टैक्स आपको देना होगा।

अभी तक मौजूदा टैक्स स्ट्रक्चर में लेबर चार्ज पर सर्विस टैक्स में छूट मिली हुई थी लेकिन GST में ऐसा नहीं है।
- पहले ज्वैलरी की मेकिंग में ली गई सर्विस पर सर्विस टैक्स नहीं था लेकिन अब जहां भी ज्वैलरी में सर्विस टैक्स लगेगा, वह कस्टमर को देना होगा।

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ज्वैलरी खरीदने पर चुकाना होगा टैक्स

कस्टमर को गोल्ड, सिल्वर, डायमंड ज्वैलरी, क्वाइन और बार को खरीदने पर 3 फीसदी टैक्स चुकाना होगा। 
आपको पुरानां गोल्ड सिल्वर, डायमंड ज्वैलरी, क्वाइन
 और 
बार ज्वैलर को बेचते समय भी 3 फीसदी रिवर्स चार्ज चुकाना होगा।